बेंगलुरु : कर्नाटक में राहुल गांधी के वोट चोरी कैंपेन को तगड़ा झटका लगा है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में 91 प्रतिशत लोगों ने माना कि देश और राज्य में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो रहे हैं। सर्वे के इस नतीजे से बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला किया है। बीजेपी नेता आर. अशोक ने एक्स पर लिखा कि यह सर्वे कांग्रेस के मुंह पर तमाचा है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी को एलओपी यानी लीडर ऑफ प्रोपगेंडा बताया है।
सितंबर में राहुल गांधी ने की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
बता दें कि लोकसभा चुनाव और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस ने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कई प्रेस कॉन्फ्रेंस किए। सितंबर 2025 में उन्होंने कर्नाटक में वोट चोरी का कथित पोल खोलते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उस प्रेस कॉन्फ्रेस में राहुल गांधी ने कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट के आंकड़े भी रखे थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि 2023 के कर्नाटक चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने विपक्षी समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर हटा दिए थे। कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे ने इस मामले में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को चिट्ठी लिखी थी। राज्य सरकार ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर एसआईटी भी गठित की। इसके अलावा कर्नाटक का कलबुर्गी भी कांग्रेस के आरोपों के केंद्र में रहा।
जानिए सर्वे में चुनाव पर भरोसे का आंकड़ा
कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी ने चुनाव की निष्पक्षता और वोट चोरी के प्रति लोगों के जनमत जानने के लिए सर्वे किया। लोकसभा चुनाव 2024 – नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार का अंतिम सर्वेक्षण का मूल्यांकन शीर्षक से इस सर्वे की रिपोर्ट आई। इस सर्वे में बेंगलुरु, बेलगावी, कालाबुर्गी और मैसूरु के 102 विधानसभा क्षेत्रों में 5,100 लोगों से बात की गई। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि 91.31 प्रतिशत लोगों का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से होते हैं। कलबुर्गी के 84.67 प्रतिशत लोगों ने कहा कि चुनावों को निष्पक् बताया जबकि 10.19 प्रतिशत लोगों ने तो इसे ‘पूरी तरह निष्पक्ष’ बताया। बेलगावी डिविजन में 69.62 लोगों ने निष्पक्षता पर भरोसा जताया और 19.24 प्रतिशत ने इसे ‘पूरी तरह निष्पक्ष’ कहा। मैसूरु डिवीजन में भी लोगों ने चुनावी व्यवस्था पर मजबूत भरोसा दिखाया। मैसुरू में 72.08 प्रतिशत लोगों ने निष्पक्षता पर सहमति जताई और 15.08 प्रतिशत ने इसे ‘पूरी तरह निष्पक्ष’ माना।
बीजेपी का तंज, सर्वे कांग्रेस के मुंह पर तमाचा
सर्वे में कर्नाटक के ज्यादातर लोगों ने माना कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) भी सही नतीजे देती हैं। यह रिपोर्ट बीजेपी के लिए कांग्रेस पर निशाना साधने का एक बड़ा हथियार बन गई है। बीजेपी का कहना है कि यह सर्वे कांग्रेस के दावों की पोल खोलता है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने एक्स पर लिखा कि जहां नागरिक चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा दिखा रहे हैं, वहीं कांग्रेस शक पैदा कर रही है। वोटर परिपक्वता दिखा रहे हैं, तो कांग्रेस असुरक्षा। यह ड्रामा लोकतंत्र की चिंता से नहीं, बल्कि नतीजों के डर से पैदा हुआ है। बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह सिद्धांत की राजनीति नहीं, बल्कि सुविधा की राजनीति है। कोई भी बनावटी कहानी इस सच्चाई को नहीं छिपा सकती।
राहुल को पूनावाला ने बताया लीडर ऑफ प्रोपगेंडा
बीजेपी के शहजाद पूनावाला ने भी रिपोर्ट के हवाले से राहुल गांधी को घेर लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का वोट चोरी का झूठ और चुनाव आयोग पर लगाया गया आरोप उनकी अपनी ही कर्नाटक सरकार के सर्वे से गलत साबित हुआ है। राहुल गांधी ‘लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा’ हैं। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी ने बिहार चुनाव के बाद भी ऐसे ही आरोप लगाए थे, लेकिन उनके अपने नेता तारिक अनवर और शकील अहमद खान ने कहा था कि यह ‘वोट चोरी’ नहीं, बल्कि ‘टिकट चोरी’ थी। उनके सहयोगी उमर अब्दुल्ला और सुप्रिया सुले ने भी राहुल के इन दावों को खारिज कर दिया था।



