भोपाल। सहारा इंडिया कंपनी में मध्य प्रदेश के नौ लाख छह हजार से अधिक निवेशकों ने 6,689 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इसमें से साढ़े सात लाख निवेशकों के आवेदनों का निराकरण उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार हो गया है। सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से 355 करोड़ रुपये छोटे निवेशकों को वितरित किए जा चुके हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से अधिकृत राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बुधवार को सदन में दी।
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह सहारा चिटफंड घोटाले मामला उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों छोटे निवेशकों ने अपनी बचत के पैसे इस विश्वास के साथ सहारा समूह को दिये गए थे कि तीन वर्ष में दोगुना हो जाएंगे लेकिन राशि डूब गई। उन्होंने पूछा कि वर्ष 2020 से लेकर आज तक सहारा समूह के विरुद्ध कितनी एफआईआर दर्ज हुई हैं? कितने निवेशक थे और उन्होंने कितनी राशि लगाई।
विधायक बोले- मेरा प्रश्न बदला गया
इस पर राज्यमंत्री ने बताया कि एक जनवरी 2024 से आज तक चार एफआईआर हुईं। इस पर जयवर्धन ने आपत्ति उठाते हुए कहा कि मेरा प्रश्न बदला गया है। विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रश्न नहीं बदला है। विधानसभा सचिवालय से परिवर्तित हुआ है और इसमें तिथि एक जनवरी 2024 तय कर दी। जितनी भी इस संबंध में एफआईआर हुईं, उन्हें पुलिस स्टेशन कोतवाली, जिला मुरैना में इससे संबंधित कर दिया है और संयुक्त होकर विवेचना जारी है।
9,06, 661 निवेशकों के आवेदन आए हैं और लगभग साढ़े सात लाख के आवेदनों का निराकरण भी हो गया है। 6,689 करोड़ निवेशकों के थे, जिसमें से सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से 355 करोड़ रुपये छोटे निवेशकों में वितरित किए जा चुके हैं। चूंकि, उच्च न्यायालय में रिट पिटीशन के आधार पर पोर्टल बनाया गया है और उसके अनुसार ही रिफंड की प्रक्रिया चल रही है। अनेक संपत्तियां अटैच की गई हैं।
सहारा की संपत्तियां नेताओं द्वारा खरीदे जाने का आरोप
जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि सहारा की संपत्ति नेताओं द्वारा खरीदी जा रही हैं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह विषय न्यायालय में विचाराधीन है। उनकी जितनी भी संपत्तियां हैं, वह ऑनलाइन हैं और इसलिए एकदम सीधा यह कह देना कि किसी नेता के पास है, ऐसा नहीं है।
कोई संपत्ति नीलाम भी हो रही है तो वह भी उच्चतम न्यायालय के अधीन हो रही है। धार जिले के मनावर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. हिरालाल अलावा ने इस विषय पर सवाल किया, जिस पर बताया गया कि ईओडब्ल्यू ने 20 जनवरी 2025 को आशुतोष मनु दीक्षित की शिकायत पर सहारा जमीन घोटाले में 25 जुलाई 2025 को सीमातों राय, जेबी राय और ओपी श्रीवास्तव के विरुद्ध प्रकरण दर्ज है।



