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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और सेंट्रल एजेंसियों ने ISIS मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। दिल्ली, झारखंड, तेलंगाना और मध्यप्रदेश से 5 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

पुलिस ने बताया, झारखंड से दो, दिल्ली से एक, तेलंगाना से एक और मध्यप्रदेश से एक संदिग्ध को अरेस्ट किया गया है। इन संदिग्ध आतंकियों के पास से सल्फर पाउडर, सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, सोडियम बाइकार्बोनेट, बॉल बियरिंगस और सेफ्टी ग्लास, रेस्पिरेट्री मास्क, सर्किट वायर, मदर बोर्ड, लैपटॉप और हथियार मिले हैं। ये सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे।

पुलिस ने बताया, लीडर का नाम गजवा था

  • एडिशनल सीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया, "ये लोग एक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे। उसने इन्हें "खिलाफत मॉडल" अपनाने को कहा था। इन्हें हमलों के एक ठिकाना खोजना था। इसके अलावा और लोगों भी इससे जोड़ने का टास्क दिया गया था।"
  • "टीम के लीडर दानिश को गजवा नामा दिया गया। उसका कोड नेम था सीईओ। ये लोग इस काम को प्रोफेशनली अंजाम दे रहे थे।"
  • "ये पांचों लोग 20 से 25 साल के हैं। दानिश झारखंड से था। इसी ने बाकी लोगों को जोड़ा था। इसके बाद आफताब अंसारी था। ये मुंबई का रहने वाला है। मीट बेचने का काम करता था।
  • "आफताब टारगेटेड किलिंगस का काम दिया गया था। ये जब दिल्ली से वापस जाने वाला था तब इसे और इसके साथी सुफियान को अरेस्ट किया गया। इनका एक और साथी कामरान कुरैशी को मध्य प्रदेश के रायगढ़ से पकड़ा गया। और एक पांचवा आदमी हुजेफा को निजामाबाद से तेलंगाना में अरेस्ट किया गया।"
  • सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती करते थे 

  • दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि संदिग्ध आतंकी भारत में बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की फिराक में थे। वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल भारत में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें अपने नेटवर्क में भर्ती करने के लिए करते थे।