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तमिलनाडु और केंद्र सरकार के बीच भाषा विवाद को लेकर बयानबाजी जारी है। हाल ही में तमिलनाडु सरकार ने स्टेट बजट में रुपए के सिंबल ‘₹’ की जगह तमिल सिंबल ‘ரூ’ का इस्तेमाल किया था।

इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सभी निर्वाचित प्रतिनिधि राष्ट्र की संप्रभुता-अखंडता को बनाए रखने के लिए संविधान की शपथ लेते हैं। क्षेत्रीय गौरव के लिए राष्ट्रीय प्रतीक को बांटना ठीक नहीं है।

इस पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी रुपए के सिंबल ‘₹’ की जगह तमिल सिंबल ‘ரூ’ का उपयोग किया था। ये कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं है।

उन्होंने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा- तमिल का विरोध करने वाले इसे बढ़ा चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। यह उनकी सरकार की तमिल भाषा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

दरअसल तमिलनाडु सरकार राज्य के स्कूलों में हिन्दी अनिवार्य करने का विरोध कर रही है। केंद्र सरकार का कहना है कि नई शिक्षा नीति के तहत राज्य तमिल, अंग्रेजी और हिन्दी भी पढ़ाएं।

बजट में रुपए का सिंबल बदलने को लेकर विवाद

नई शिक्षा नीति (NEP) और ट्राय लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर तमिलनाडु और केंद्र सरकार के बीच विवाद चल रहा है। इस बीच तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने 13 मार्च को पेश किए गए राज्य के बजट से ₹ का सिंबल बदलकर तमिल भाषा में कर दिया। सरकार ने 2025-26 के बजट में ‘₹’ का सिंबल ‘ரூ’ सिंबल से रिप्लेस कर दिया। यह तमिल लिपि का अक्षर ‘रु’ है।

अन्नामलाई बोले- DMK नेता के बेटे ने डिजाइन किया था ₹ का सिंबल

भाजपा तमिलनाडु अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने ट्वीट करके स्टालिन को स्टूपिड कहा। उन्होंने लिखा- ₹ के सिंबल को तमिलनाडु के रहने वाले थिरु उदय कुमार ने डिजाइन किया था। वे DMK के पूर्व विधायक के बेटे हैं। तमिल द्वारा डिजाइन किए गए रुपए के प्रतीक को पूरे भारत ने अपनाया, लेकिन DMK सरकार ने राज्य बजट में इसे हटाकर मूर्खता का परिचय दिया है।