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नई दिल्‍ली: इंटेल ने अपने पूर्व बोर्ड सदस्य और चिप इंडस्ट्री के दिग्गज लिप-बू टैन को अपना नया सीईओ नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 18 मार्च से प्रभावी होगी। इसके साथ ही, कंपनी ने संकेत दिए हैं कि वो अपने चिप डिजाइन और निर्माण कार्यों को अलग नहीं करेगी। टैन की नियुक्ति पूर्व CEO पैट गेल्सिंगर को हटाए जाने के तीन महीने बाद हुई है। गेल्सिंगर की महंगी और महत्वाकांक्षी योजनाएं कंपनी को उबारने में नाकाम रहीं और निवेशकों का विश्वास डगमगा गया। टैन जो पहले इंटेल बोर्ड के सदस्य थे, को चिप इंडस्ट्री में उनके गहरे अनुभव और स्टार्टअप्स में निवेशक के रूप में उनकी भूमिका के कारण सीईओ पद के दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर में इंटेल बोर्ड ने उनसे इस पद के लिए अपनी रुचि के बारे में बात की थी। इस खबर के बाद इंटेल के शेयरों में 12% की तेजी देखी गई। विश्लेषकों ने इस कदम का स्वागत किया है। कहा है कि इससे कंपनी में स्थिरता आएगी। 2024 में कंपनी के शेयरों में 60% की गिरावट आई थी।

टैन ने अपने पत्र में कहा, ‘इंटेल एक ऐसी कंपनी है जिसकी मैं लंबे समय से प्रशंसा करता हूं।’ उन्होंने बिजनेस को पलटने में विश्वास व्यक्त किया। 65 वर्षीय टैन मलेशिया में जन्मे और सिंगापुर में पले-बढ़े हैं। उनके पास फिजिक्स, न्यूक्लियर इंजीनियरिंग और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिग्रियां हैं। वह 2009 से 2021 तक इंटेल के सप्लायर और चिप-डिजाइन सॉफ्टवेयर कंपनी Cadence Design Systems के सीईओ रहे। उनके कार्यकाल के दौरान कंपनी के राजस्व और स्टॉक में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। टैन ने पिछले साल कंपनी को कैसे बदला जाए, इस पर मतभेदों के चलते इंटेल के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। रॉयटर्स की पिछली रिपोर्ट के अनुसार, वह कंपनी के बड़े कार्यबल, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के प्रति उसके दृष्टिकोण और इंटेल की जोखिम-विरोधी और नौकरशाही संस्कृति से निराश थे। इंटेल ने कहा कि टैन अब फिर से बोर्ड में शामिल होंगे।